आज फिर अपने दिल
को रोक नहीं पाया
इसने मेरे कदमो का सहारा ले
घसीटा मुझे उसके दरवाजें तक
फिर कुछ सही करने की
एक और कोशिश
करना चाहता है शायद दिल,
जानते हुए कि
उसके दरवाजें बंद मिलेंगे मुझे,
और
खिड़की पे लिखा होगा
"चलें जाओ कहीं दूर यहाँ से"।
को रोक नहीं पाया
इसने मेरे कदमो का सहारा ले
घसीटा मुझे उसके दरवाजें तक
फिर कुछ सही करने की
एक और कोशिश
करना चाहता है शायद दिल,
जानते हुए कि
उसके दरवाजें बंद मिलेंगे मुझे,
और
खिड़की पे लिखा होगा
"चलें जाओ कहीं दूर यहाँ से"।